Tap to Read ➤

राफेल: सौदे की जांच को जज नियुक्त

फ्रेंच पब्लिक प्रोसिक्यूशन सर्विस (PPF) ने कहा है कि वह 36 राफेल बेचे जाने के मामले में कथित भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की जांच करेगी।
भारत में अगले साल तक सभी 36 राफेल फाइटर जेट्स की डिलीवरी पूरी हो जाएगी। 2016 में हुई इस डील को लेकर अब तक कई विवाद उभर चुके हैं।
राफेल डील
फ्रांस की वित्तीय अपराधों से जुड़ी शाखा- फ्रेंच पब्लिक प्रोसिक्यूशन सर्विस (PNF) ने कहा है कि वह 36 राफेल बेचे जाने के मामले में कथित भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोपों की जांच करेगी।
क्यों लगे राफेल डील में गड़बड़ी के आरोप?
कुछ दिन पहले फ्रांसीसी मीडिया प्रकाशन ‘मीडियापार्ट’ ने देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की थी कि ‘दसौ एविएशन’ ने एक भारतीय बिचौलिए को दस लाख यूरो की रिश्वत दी थी।
फ्रेंच भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी AFA की जांच रिपोर्ट के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिक, दैसो एविएशन ने कुछ बोगस नजर आने वाले भुगतान किए। कंपनी के 2017 के खातों के ऑडिट में 5 लाख 8 हजार 925 यूरो (4.39 करोड़ रुपए) क्लाइंट गिफ्ट के नाम पर खर्च दर्शाए गए।
लोकसभा चुनाव,2019 से पहले कांग्रेस ने विमान की दरों और कथित भ्रष्टाचार सहित इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किये थे, लेकिन सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
और देखें