पुलिस के इस अफसर ने किया वो काम इंसानियत जिस को करेगी सलाम



दिल सभी के अंदर होता है।और हर किसी के अंदर अच्छाई बुराई दोनों पनपती हैं। ये बात 100 टका सच है।
जिसका जीत जागता उदाहरण सॉशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो है जिसमे मुस्लिम नमाज पड़ रहे हैं और पुलिस प्रशाशन व्यवस्थाएं काबू में रखने के लिए अपनो ड्यूटी कर रहे हैं कि तभी अचानक हवा के झोंके से नमाजियों की सफ उड़ने लगती है और सिमट जाती है उसी वक्त एक पुलिस अफसर की उसपर नजर पड़ती है और वो आहिस्ता से अदब के साथ उस नामजी के आगे की सफ को सही करता है और वापस अपनी जगह खड़ा हो जाता है।फिर दोबारा से हवा की वजह से सफ उड़ने लगती है और फिरसे सिमटने लगती है तो अधिकारी अपनी इज्जत , शान कही जाने वाली टोपी को उस सफ के किनारे पर रख देता है जिससे की सफ हवा के झोकें से ना उड़े और नमाजी अपनी इबादत को बिना तकलीफ के पूरा कर सके।
अब उस पुलिस अफसर को देखकर बाकी कर अफसर भी इस अदब की पैरवी करते हुए उड़ती सफ को संभाल देते हैं।
अब उन अधिकारियों को किसी बड़े अफसर का हुक्म नही था कि वो ये सब करें। बल्कि ये एक हिंदुस्तानी दिल से आवाज आई जो सिखाती है कि हम सब एक हैं और एक ही रहेंगे।
और पुलिस की रिश्वत खोरी, बदनामी और काफी बुराइयों की फ़ोटो और वीडीओ आये दिन वायरल होती रहती हैं लेकिन इस वीडियो को देखकर एक चीज समझ आती है कि हर पेशे में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग मिलेंगे।ईमानदार और बेईमान दोनों मिलेंगे।नफरत और प्यार करने वाले दोनों मिलेंगे,मजहब को जोड़ने और तोड़ने वाले दोनों मिलेंगे।अगर एक नजर हम इस पर डाले कि सभी अफसर भ्रष्ट नही होते तो ये गलत नही होगा।मेरी नजर में पुलिस एक वो पेशा है जो दिन की तपती धूप में ड्यूटी करते हैं किनके लिए जनता के लिए, किसके लिए रात रात भर जागते हैं किसके लिए,  जनता के लिए।
अब अगर जनता खुद उन्हें बेईमान, रिश्वत खोर बनाने में लिप्त है तो पैसा किसे बुरा लगता है।

*किसी ने सच कहा है कि कमल के कीमती फूल कीचड़ में खिलते है।*
*जिनके दिल और दिमाग साफ होते हैं वो हर पेशे में मिलते हैं*


सोनू खान की कलम से🖊
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