शिया मौलाना सफदर ने ईरानी संसद और इमाम खुमैनी की मज़ार पर आतंकवादी हमले की निंदा


 रियाजुल हक
जौनपुर। ईरानी संसद और इमाम ख़ुमैनी की मज़ार पर हुए आतंकवादी हमले की मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि ईरान, इस्लाम दुश्मन ताक़तों की आंखों में खटक रहा है इसलिए इस्लाम दुश्मन ताकतें ईरान के विकास और समृद्धि को ख़त्म कर देना चाहती हैं।
उन्होंने आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए कहा कि दुनिया में एकमात्र ईरान ऐसा इस्लामी देश है जहां आतंकवादी कार्यवाहियों पर सरकार ने पूरी तरह नियंत्रण कर रखा है लेकिन इस्राईल और अमेरिका की ग़ुलामी करने वाले कुछ नाम के इस्लामी देशों के समर्थन के बाद अब ईरान को भी आतंकवाद की आग में जलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान, इस्राईल और अमेरिका की ग़ुलामी के ख़िलाफ़ है इसलिए बडी शक्तियां तथाकथित इस्लामी देशों के साथ ईरान के ख़िलाफ़ साज़िश कर रही हैं।
मौलाना सफदर ने कहा कि ईस्लामी क्रांति के बाद ईरान लगातार विकास की नई ऊचाईयों की ओर बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की दुश्मनी में कुछ देश अपनी राजनीतिक सूझबूझ खो चुके हैं और अब इस्लामी गरिमा को भी तार तार कर रहे हैं।
मौलाना ने कहा कि इस्लाम दुश्मन शक्तियां सीरिया, बहरैन और इराक़ को पूरी तरह तबाह कर चुकी हैं और अब उनकी निगाहें ईरान पर हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि ट्रम्प लगातार अपने ग़ुलाम देशों का दौरा कर रहे हैं और ईरान के ख़िलाफ़ महा गठबंधन तैयार करने का प्रयास कर रहे है । पर ईरानी जनता और ईरानी सरकार अपने जज़्बे और हौसले के साथ आज भी इस्लाम दुश्मन ताक़तों के ख़िलाफ़ प्रतिबद्ध है और कल भी रहेगी । मौलाना सफदर ने कहा कि भारत भी लगातार दहशतगर्दो की चपेट में है जिसमे बहुत बेगुनाहों की जान जा चुकी है ऐसे में अब समय आ गया है कि आतंकवाद विरोधी सभी देश एकजुट होकर आतंकवाद का सफाया करे ।
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