सम्पत्ति के लालच में विकलांग महिला को ज़हर देकर मारा और रात में ही किया दफन

अलीम उददीन इलाहाबाद
सम्पत्ति के लालच में विकलांग युवती का मर्डर, नहीँ दर्ज हो रही एफआईआर
जालसाजी व् धोखाधड़ी करके विकलांग युवती से उसकी चल अचल सम्पत्ति की लिखा पढ़ी करवाने के बाद जहर देकर मार डालने का आरोप
सबूत मिटाने किये रातोंरात दफना दिया
आरोपियों खिलाफ सीधे जिलाधिकारी से कार्यवाही की माँग

मऊ आइमा।डीजीपी के फरमान को मऊआइमा पुलिस बेअसर साबित करने पर उतारू है जिससे न तो शत प्रतिशत प्राथमिकी दर्ज हो रही है और न ही पीड़ितों को थाने से न्याय मिल पा रहा है।सूबे का निजाम भले ही बदल गया हो लेकिन पुलिस में कोई बदलाव नहीं दिखा। योगी सरकार बनने के बाद भ्रष्ट कार्यशैली वाले दरोगाओं व् अधिकारियों और कर्मचारियों में जो खौफ देखा गया था वह धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है। सपा सरकार में पुलिस जिस ढर्रे पर चल रही थी उसी पर आज भी काबिज है। मऊआइमा थाने की पुलिस बेलगाम हो चुकी है और वह फरियादियों की फरियाद करते सुनने को तैयार नहीं है, जबकि नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक सुलखां सिंह ने डीजीपी का कार्यभार सम्भालते हुए अपने मातहतों को निर्देश दिया था कि थानों में शत प्रतिशत प्राथमिकी दर्ज की जाएँ लेकिन यहाँ ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।
        आपको बता दें कि मऊआइमा थाने की पुलिस हठ योग किए बैठी है।आज से लगभग एक महीने पहले जालसाजी व् धोखाधड़ी करके एक दिब्याङ्ग युवती से उसकी चल अचल सम्पत्ति की लिखा पढ़ी कराके फिर उसको पूर्व नियोजित तरीके से मार डाला और साक्ष्य को मिटाने के लिए रात्रि को आनन फानन फाफामऊ गंगाघाट ले जाकर दफना आये। जब घटना की भनक मृतका की बहन दुर्गावती सिंह को लगी तो उसने आरोपियों को नामजद करते हुये रिपोर्ट दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत मऊ आइमा पुलिस से किया था कोई कार्यवाही न होती देख आज मृतका की बहन दुर्गावती सिंह ने जिलाअधिकारी इलाहाबाद को शिकायती पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने व् पुनः लाश को फाफामऊ गंगाघाट से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की अपील किया है।
       दिब्याङ्ग मृतका की बहन दुर्गावती पत्नी शेर बहादुर सिंह निवासी ग्राम धरौता, थाना मऊआइमा ने जिलाअधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया है कि उसके पिता स्व0 बसन्त बहादुर सिंह के कोई लड़का नहीं था सिर्फ दो लड़कियां हैं जिनमें प्रार्थिनी व् प्रार्थिनी की बड़ी बहन राजेश्वरी रही हैं।प्रार्थिनी व् मृतका की बहन दुर्गावती ने बताया की  बड़ी बहन राजेश्वरी जन्म से ही विकलांग थीं जो अपने पैतृक आवास ग्राम सिसई सिपाह,थाना मऊ आइमा में अकेले ही निवास कर किसी तरह जीवन निर्वाह कर रही थीं।और बिमारी आजारी में पड़ोस के पट्टीदार वीरेन्द्र बहादुर सिंह पुत्र बसन्त सिंह व् विपिन सिंह पुत्र वीरेंद्र बहादुर सिंह निवासी ग्राम सिसई सिपाह, थाना मऊ आइमा मदद करने के साथ साथ देखभाल भी किया करते थे।उक्त पट्टीदारों की नियत खराब हो गई और विकलांग राजेश्वरी से उसकी सम्पूर्ण चल अचल सम्पति की लिखा पढ़ी करवाने के बाद 20 मई 2017 की रात को सम्पति के लालच व् धोखाधड़ी का भेद खुलने के भय से उक्त जालसाजों ने राजेश्वरी को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली जिसके तहत प्रार्थिनी की बड़ी बहन राजेश्वरी को जहर देकर मार डाला और सबूत मिटाने के लिए रात्रि में ही आनन फानन गंगाघाट फाफामऊ ले जाकर दफनवा आये।जब घटना की भनक मृतका की बहन दुर्गावती को लगी तो वह फौरन पहले अपने मायके सिसई सिपाह और गंगाघाट फाफामऊ पहुँच कर सम्पूर्ण जानकारी हासिल करने के बाद उसने आरोपियों को नामजद करते हुये रिपोर्ट दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत मऊ आइमा पुलिस से किया था लेकिन कोई कार्यवाही न होती देख आज मृतका की बहन दुर्गावती सिंह ने जिलाअधिकारी इलाहाबाद को शिकायती पत्र देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने व् पुनः लाश को फाफामऊ गंगाघाट से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की अपील किया है। देखना यह है कि पीड़िता को न्याय मिल पाता है या फिर अधिकारियों का आदेश कागजों के अम्बार में खो जाएगा।
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