एटा-प्रेम विवाह से शुरू हुई रंजिश कई मौतों के बाद एसिड अटैक पर पहुंची

एटा:पंद्रह साल पुरानी रंजिश में शुक्रवार देर शाम महिला पर तेजाब फेंक दिया गया। घटना उस समय हुई जब वह इटावा जेल में बंद पति और देवर से मुलाकात कर घर लौट रही थी। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वह करीब एक तिहाई झुलस गई है। मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। थाना सकीट क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी उदयवीर की पत्नी सरला पर तेजाब फेंकने की घटना हुई। महिला पर हमला उस समय हुआ जब वह इटावा जेल में बंद पति उदयवीर एवं देवर सुनील उर्फ पप्पू से मुलाकात कर घर लौट रही थी। सरला इटावा से बस में सवार होकर मैनपुरी पहुंची। मैनपुरी से सकीट पहुंचने पर ट्रैक्टर में सवार होकर मुबारिकपुर निबऊआ पहुंची। यहां से वह पैदल-पैदल घर जा रही थी। आरोप है कि पीछे से पहुंचे बाइक सवार राकेश पुत्र मुंशीलाल और साहब सिंह ने उस पर तेजाब डाल दिया। सरला ने कहा हमलावर चाचा-भतीजे ने पीछे से आवाज दी ‘पानी पी लो। इस पर महिला घूमकर देखने लगी, इसी दौरान उस पर तेजाब फेंक दिया गया। तेजाब डालने के बाद हमलावर फरार हो गए। मामले की रिपोर्ट महिला के पुत्र अर्जुन यादव ने हमलावर चाचा-भतीजे के खिलाफ थाना सकीट में दर्ज कराई है। रिपोर्ट में अर्जुन ने कहा कि लौटते समय वह अपनी मां के साथ था। मुबारिकपुर पर ट्रैक्टर से उतरने के बाद वह मां से करीब पचास मीटर पीछे था। इस दौरान वारदात हुई। प्रेमविवाह को लेकर दोनों परिवारों में शुरू हुई रंजिश एसिड अटैक का शिकार हुई महिला सरला के पुत्र शैलेन्द्र ने करीब पंद्रह साल पहले प्रेमविवाह किया था। इसी के बाद से दोनों परिवार के बीच रंजिश शुरू हो गई। उदयपुर के शैलेन्द्र की बुआ नेमवती की शादी औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के गांव सरलापुर से हुई थी। यहां के साहब सिंह की बेटी बीना से शैलेन्द्र के प्रेमसंबध हो गये। बीना के परिजनों के राजी न होने पर शैलेन्द्र ने कोर्ट मैरिज कर ली। मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज करने पर बीना के परिजनों ने शादी के दो माह बाद शैलेन्द्र की हत्या कर दी। इसमें बीना के चचेरे भाई सुखवीर और मौसा जगजीवन को कोर्ट से आजीवन सजा हो चुकी है। पिछले साल हुए पंचायत चुनाव के दौरान वृद्ध मुंशीलाल की हत्या हो गई। इसमें शैलेन्द्र के पिता उदयवीर एवं चाचा सुनील उर्फ पप्पू इटावा जेल में बंद हैं। शैलेन्द्र की पत्नी का निधन होने पर भी शांत नहीं हुई रंजिश शैलेन्द्र की हत्या के समय उसकी पत्नी बीना गर्भ से थी। शैलेन्द्र की हत्या के बाद बीना ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम शिवा है। बेटे के जन्म से पहले शैलेन्द्र के मौसेरे भाई के साथ बीना का विवाह कर दिया गया। इसके बाद प्रसव के दौरान उसकी मौत हो गई। बीना की मौत होने पर भी रंजिश शांत नहीं हो सकी है।
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