जौनपुर में हत्यारोपी पाँच सगे भाइयों को हुई उम्र कैद की सजा


रियाजुल हक
जौनपुर/गौराबादशाहपुर। अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम की अदालत ने गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र में नौ वर्षों पूर्व गवईं राजनीति को लेकर हत्या करने के आरोप में पांच सगे भाइयों को उम्र कैद एवं 56 हजार रूपये  जुर्माने से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा देवानन्द शर्मा पुत्र सत्यनारायण शर्मा निवासी गांव गौरा डिहवा थाना गौराबादशाहपुर ने मामला पंजीकृत करवाया कि दिनांक 20 मई 2008 को सुबह 7:30 बजे उसका भाई बृजेश शर्मा, उसका पुत्र विकेश शर्मा तथा चचेरा भाई परविंद उर्ब डब्लू सड़क पर जा रहे थे, और जैसे ही असगर की दुकान के सामने पहुंचे तभी पहले से घात लगाकर बैठे असगर के पांचों पुत्र मुन्ना उर्फ असलम, मुस्ताक उर्फ टिंकू, अशफाक उर्फ बाबू, मुस्लिम व अकरम लाठी डंडा व लोहे की राड लेकर तीनों लोगों पर हमला कर दिया।
अकरम ने ललकारते हुए कहा कि मार डालो इन सबको जिंदा न बचने पाएँ। इतना सुनते ही पाँचों आरोपियों ने इन तीनों को मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। शोर होने पर गाँव के ही बेचन व जिव्वल एवं अन्य कई लोग बीच बचाव किए। तीनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ गंभीर रुप से घायल अरविंद को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
उक्त घटना के पश्चात कस्बे में साम्प्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया और भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की पैरवी शासकीय अधिवक्ता जवाहर लाल यादव ने किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बहस को सुनने के पश्चात आरोपी पांचों भाइयों मुन्ना उर्फ असलम, मुस्ताक उर्फ टिंकू, अशफाक उर्फ बाबू, मुस्लिम व अकरम को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 56 हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थ दंड की राशि में से 80 प्रतिशत मृतक के परिजन को तथा 10 प्रतिशत घायलों को देने का आदेश दिया।
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