अधिकारियों की मौज, प्राइवेट लाइनमैन खुशहाल, जनता बेहाल


तुफैल इदरीसी
सुल्तानपुर। स्थानीय तहसील के लम्भुआ पॉवर हाउस के नरेन्द्रपुर फीटर से जुड़े सैकड़ों गांवों की लाइट व्यवस्था पिछले 5 दिनों जर्जर चल रही है ऐसे में मामूली फाल्ट ठीक करने के लिए भी अप्रशिक्षित व प्राइवेट लाइनमैन का सहारा लेना पड़ रहा है।

योगी जी के मंसूबों पर फिर रहा पानी

विभागीय उदासीनता का आलम यह है की संसाधन रहने के बावजूद भी कर्मचारियों के कानों में जूं तक नही रेंग रहा जिससे योगी जी के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, विद्दुत आपूर्ति के लिए विभाग की तरफ से सिर्फ कागजों में तो ६ लाइनमैन हैं, पर ड्यूटी पर एक भी लाइनमैन नही रहता जिससे लम्भुआ की बिद्दुत व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है आये दिन बिद्दुत फाल्ट को लेकर उपभोक्ताओं को तमाम तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है उपकेन्द्र लम्भुआ अंतर्गत चार फीडरों में लम्भुआ टाउन, छापर, शिवगढ़ , नरेन्द्रपुर (इंडोडच) फीडरों के माध्यम से क्षेत्र के सैकड़ों गावों में विद्दुत सप्लाई की व्यवस्था है इस उपकेन्द्र से लगभग 50 हजार से ज्यादा घरों को बिजली की रौशनी से अच्छादित किया जाता है।

प्राइवेट लाइनमैनों के भरोसे बिजली विभाग

जर्जर तार एवं विद्दुत फाल्ट की वजह से आये दिन क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, उपकेन्द्र के चारों फिटरों की सप्लाई प्राइवेट लाइनमैनों के भरोसे है ऐसे में बिद्दुत विभाग भी इन्ही लाइनमैनों से कार्य करवाने को तैयार रहती है क्षेत्रीय उपभोक्ता अमित पाण्डेय, रोशन दुबे, अमर मिश्र, कन्हैयालाल मिश्र,जीतेन्द्र मिश्र की माने तो प्राइवेट लाइनमैन २०० से ३०० रुपये की लालच में किसी भी जर्जर खम्भे पर चढ़ने को तैयार हो जाते है , विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी भी सबकुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं, जिससे स्थानीय अधिकारीयों की सह पर प्राइवेट लाइनमैन क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को लूट रहे हैं
साहब को नहीं मालूम अपने लाइनमैन का नाम
वहीँ उपभोक्ताओं का कहना है की जेई लम्भुआ का फ़ोन या तो बंद जाता है या फिर फ़ोन नही उठता इस मामले की जानकारी जब xcn बिजली बिभाग से ली गयी तो उन्होंने बताया की je साहब छुट्टी पर हैं, जिससे उपभोक्ताओ में खासी नाराजगी चल रही है वहीँ जब लोगों इस मामले की जानकारी फ़ोन से sdo लम्भुआ अजीत चौधरी को दी तो उन्होंने लाइट बनवाने का आश्वाशन दिया और जब लाइनमैन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया की पूरे उपकेन्द्र में ६ लाइनमैन हैं और जब लाइनमैन का नाम पूछा गया तो महोदय एक भी लाइनमैनों का नाम नही बता पाये।

प्राइवेट लाइनमैनों को मिला धन उगाही का जरिया

प्राइवेट लाइनमैनों को तो धन उगाही का जरिया मिल गया है सूत्रों की माने तो प्राइवेट लाइनमैन हप्ते में ३ दिन तार का फ्यूज खोल देते हैं जिससे बिजली का फाल्ट हो जाता है और उपभोक्ता परेशान हो जाते हैं और प्राइवेट लाइनमैन को ढूढने लगते हैं जिससे ये लाइनमैन अपनी मनमर्जी पैसा वसूलते हैं सूत्रों कि माने तो इसकी शिकायत आला अधिकारीयों से भी की गयी लेकिन अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया जिससे बिजली की किल्लत बरक़रार है वहीँ ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
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