एटा डीएम ने मौके से किया फोन और एआरटीओ दौड़े चले आये, फिर चला कार्रवाई का चाबुक


एटा: सैनिक पड़ाव की स्थिति जानने निकले डीएम वहां बस-गाड़ियों का साम्राज्य देख भड़क गए। सभी वाहनों को सीज करने के निर्देश एआरटीओ को दे दिए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। परमिट वाहनों में कानूनी अड़चन बताते हुए अफसर जांच-पड़ताल कर लौट गए। जबकि अवैध रूप से चल रहे वाहनों के चालक भाग खड़े हुए।

प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला मुख्यालय पर एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। जिसके लिए जिला प्रशासन को कार्यक्रम स्थल का चयन करना है। इसी को लेकर डीएम अमित किशोर गुरुवार शाम के समय सैनिक पड़ाव का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां पहुंचने पर देखा कि आधे मैदान को बसें व अन्य वाहन घेरे हुए थे।
डीएम की गाड़ियों का काफिला पहुंचते देख इनमें से कुछ वाहनों को लेकर चालक खिसक लिए। जबकि कई बसें और वाहन बिना चालकों के लावारिश हाल में खड़ी थीं। डीएम ने मौके से ही एआरटीओ को फोन मिलाया और अवैध रूप से खड़ी की गईं बसों व अन्य वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम चले गए। जब तक एआरटीओ पहुंचते, बिना परमिट और डग्गामार वाहनों के चालक भी वाहनों को ले भाग गए। एआरटीओ को जो बस खड़ी मिलीं, बताया गया कि वे पार्टी परमिट वाली हैं। मांगे जाने पर सभी ने कागज भी पेश कर दिए।
कुल मिलाकर डीएम के निर्देशों के बावजूद एआरटीओ कोई कार्रवाई नहीं कर सके। उनका कहना था कि बसों पर वैध पार्टी परमिट था और उस समय उनमें कोई यात्री नहीं थे और न ही उनका संचालन हो रहा था। इस स्थिति में बस का चालान या सीज करने में कानूनी अड़चन है। इसके बाद एआरटीओ ने ठंडी सड़क स्थित सहावर अड्डा पर भी चेकिंग की। यहां एक बस का परमिट एक्सपायर मिला, जिसका चालान कर दिया। जबकि एटा क्लब पर विभाग की टीम को कोई गाड़ी नहीं मिली।
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