अमेठी: आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का अकाल

शिवकेश शुक्ला

अमेठी: पारा 40 पार और दोपहर में झुलसा देने वाली धूप केन्द्र में न पंखा और न ही पीने के लिए शीतल पेयजल। यह स्थिति आज जनपद के कई आंगनबाड़ी केन्द्रों में देखने को मिली एक ओर जहा भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बन्द हैं वही दूसरी ओर आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए इस तरह के आदेश जारी नहीं होने के कारण आंगनबाड़ी केन्द्रों के नौनिहाल तेज धूप में झुलसने मजबूर हैं गर्मी का सीधा असर बच्चों की उपस्थित पर दिखाई दे रहे हैं अभिभावक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी नहीं भेज रहे और केन्द्रों तक काफी कम संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का भी कहना है कि शासन ने स्कूली बच्चों की चिंता करते हुए उन्हें तो राहत प्रदान कर दी, लेकिन आंगनबाड़ी के बच्चों की सुध नहीं ली जा रही है जबकि स्कूली बच्चों से कम उम्र के बच्चे आंगनबाड़ी आते हैं।

पीने के लिए ठंडा पानी तक नहीं -
जनपद के आंगनबाड़ी केन्द्रो में पंखा एवं गर्मी के मौसम में पीने के लिए ठंडे पानी(सीतलक)की व्यवस्था नहीं हैं ऐसे में यहां नौनिहालों से लेकर कार्यकर्ता व सहायिकाएं सभी को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है कई  केन्द्रों में बिजली की समस्या है और यहां बच्चे गर्मी से परेशान हो रहे हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक केन्द्र का संचालन होता है। दोपहर में भोजन के बाद बच्चों को सहायिका घर छोड़ आती हैं लेकिन इसके बाद भी केन्द्र अन्य कार्य पूरे किए जाने खोले रखने पड़ रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू -
डॉ. अभिषेक गुप्ता की मानें तो गर्मी में बच्चों को सीधी धूप से बचाना चाहिए बच्चों की त्वचा बहुत ही कोमल होती हैं, इस समय मासूम बच्चों को सूरज की रोशनी से दूर रखना ठीक होगा वें बताते है कि बच्चों को सूती कपड़े पहनाना चाहिए ताकि गर्मी में पसीना आराम से सूख सकें।

इनका कहना है -
सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का समय सुबह 8.00 बजे से 12 बजे तक है भीषण गर्मी के कारण बच्चों की संख्या में कमी आयी है शासनादेश का पालन करने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को खोला गया है ।
शशिकला निगम सीडीपीओ मुसाफिरखाना 
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